अरावली फैसले पर उदयपुर में भारी विरोध: 'प्रकृति कुचलकर विकास मंजूर नहीं'.

उदयपुर
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News18•19-12-2025, 07:54
अरावली फैसले पर उदयपुर में भारी विरोध: 'प्रकृति कुचलकर विकास मंजूर नहीं'.
- •सुप्रीम कोर्ट के अरावली फैसले पर उदयपुर और मेवाड़ में जन आक्रोश, लोग अरावली के विनाश की आशंका जता रहे हैं.
- •निवासियों और विशेषज्ञों का कहना है कि अरावली के बिना राजस्थान धीरे-धीरे रेगिस्तान बन जाएगा और पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ेगा.
- •इतिहासकार डॉ. आजाद शत्रु शिवरात्रि और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. हेमंत जोशी ने अरावली के ऐतिहासिक और पारिस्थितिक महत्व पर जोर दिया.
- •पर्यावरणविदों को डर है कि पहाड़ियों के कटने से मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ेंगे, क्योंकि 90% अरावली पहाड़ियाँ 90 मीटर से कम हैं.
- •नागरिक सुप्रीम कोर्ट के फैसले की समीक्षा और विकास के साथ प्रकृति संरक्षण की मांग कर रहे हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: उदयपुर में अरावली फैसले का विरोध, लोग प्रकृति को कुचलकर विकास को अस्वीकार्य मानते हैं.
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