
ब्रज में शिव और कृष्ण की भक्ति एकाकार हो गई है, जिसमें भरतपुर में मिली प्राचीन मूर्तियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि हजारों साल पहले वहाँ शिव पूजा होती थी।
भरतपुर संग्रहालय में कुषाण और गुप्त काल की लगभग 2000 साल पुरानी प्राचीन शिव प्रतिमाएँ मौजूद हैं।
कुषाण काल में, ब्रज कृष्ण भक्ति के साथ-साथ भगवान शिव की पूजा के लिए भी महत्वपूर्ण था।