धौलपुर का शेर शिकार गुरुद्वारा: गुरु, शेर और सद्भाव की अनोखी कहानी.

धौलपुर
N
News18•01-01-2026, 16:35
धौलपुर का शेर शिकार गुरुद्वारा: गुरु, शेर और सद्भाव की अनोखी कहानी.
- •राजस्थान के धौलपुर में शेर शिकार गुरुद्वारा एक पवित्र सिख स्थल है जिसका अनूठा इतिहास है.
- •मान्यता है कि 1612 में गुरु हरगोबिंद सिंह जी ने सम्राट जहांगीर को एक शेर से बचाया था, जिससे गुरुद्वारे को यह नाम मिला.
- •इसका निर्माण 1857 के विद्रोह के दौरान महाराजा राणा भगवंत सिंह ने धौलपुर के लाल बलुआ पत्थर से करवाया था.
- •गुरुद्वारे पर लाल पत्थर के शेर की आकृतियाँ हैं और यहाँ ऐतिहासिक रूप से हिंदू पुजारी सेवा करते थे, जो अंतरधार्मिक सद्भाव का प्रतीक है.
- •हर साल 3 से 5 मार्च तक एक भव्य मेला लगता है, जिसमें देश भर से सिख समुदाय के लोग धार्मिक कार्यक्रमों और 'लंगर' के लिए आते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: धौलपुर का शेर शिकार गुरुद्वारा इतिहास, आस्था और अंतरधार्मिक सद्भाव का अनूठा संगम है.
✦
More like this
Loading more articles...





