शेर शिकार साहिब गुरुद्वारा 
धौलपुर
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News1801-01-2026, 16:35

धौलपुर का शेर शिकार गुरुद्वारा: गुरु, शेर और सद्भाव की अनोखी कहानी.

  • राजस्थान के धौलपुर में शेर शिकार गुरुद्वारा एक पवित्र सिख स्थल है जिसका अनूठा इतिहास है.
  • मान्यता है कि 1612 में गुरु हरगोबिंद सिंह जी ने सम्राट जहांगीर को एक शेर से बचाया था, जिससे गुरुद्वारे को यह नाम मिला.
  • इसका निर्माण 1857 के विद्रोह के दौरान महाराजा राणा भगवंत सिंह ने धौलपुर के लाल बलुआ पत्थर से करवाया था.
  • गुरुद्वारे पर लाल पत्थर के शेर की आकृतियाँ हैं और यहाँ ऐतिहासिक रूप से हिंदू पुजारी सेवा करते थे, जो अंतरधार्मिक सद्भाव का प्रतीक है.
  • हर साल 3 से 5 मार्च तक एक भव्य मेला लगता है, जिसमें देश भर से सिख समुदाय के लोग धार्मिक कार्यक्रमों और 'लंगर' के लिए आते हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: धौलपुर का शेर शिकार गुरुद्वारा इतिहास, आस्था और अंतरधार्मिक सद्भाव का अनूठा संगम है.

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