डीडवाना की 'उपकाशी' का रहस्य: बिना छुए बजने लगी थीं घंटियां, जानें प्राचीन मठों की कहानी.

नागौर
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News18•05-02-2026, 11:02
डीडवाना की 'उपकाशी' का रहस्य: बिना छुए बजने लगी थीं घंटियां, जानें प्राचीन मठों की कहानी.
- •राजस्थान का डीडवाना, जिसे 'उपकाशी' और 'आभा नगरी' भी कहा जाता है, हजारों वर्षों से धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का केंद्र रहा है.
- •लगभग 592 साल पुराना नागोरिया मठ स्वामी देवनायकाचार्य जी महाराज द्वारा स्थापित किया गया था और यह रामानुज संप्रदाय की परंपराओं के तहत भगवान जानकीनाथ (राम-सीता) को समर्पित है.
- •झालरिया मठ, जिसकी प्राचीनता लगभग 1029 वर्ष आंकी गई है, नवाबों के शासनकाल के दौरान अपनी घंटियों के अपने आप बजने की चमत्कारी घटना के लिए प्रसिद्ध है, जिससे इसका नाम पड़ा.
- •नागोरिया और झालरिया मठों को सामूहिक रूप से 'उत्तर अहोबिलम' के नाम से भी जाना जाता है, जो उत्तर और दक्षिण भारतीय सांस्कृतिक और पूजा परंपराओं का एक अनूठा संगम प्रदर्शित करता है.
- •डीडवाना के ये प्राचीन मठ अपने वर्तमान पीठाधीश्वरों के मार्गदर्शन में सनातन मूल्यों, भक्ति और सामाजिक जागरूकता को संरक्षित और बढ़ावा देना जारी रखे हुए हैं.
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