Loading...
होली का दोहरा उत्सव: उत्तर में होलिका दहन और दक्षिण में कामा दहनम की अनूठी कहानी
LIVE TV
LOCAL
HINDI
आपके लिए
मनोरंजन
राष्ट्रीय
खेल
बाजार
व्यवसाय और अर्थव्यवस्था
जीवनशैली
विश्व
ज्योतिष और धर्म
प्रौद्योगिकी
शिक्षा और नौकरियाँ
ऑटो
राजनीति
वायरल
विचार
Loading more articles...
Home
Local
Live TV
होलिका दहन उत्तर में, कामा दहनम दक्षिण में: होली की दो अनूठी मान्यताएं.
N
News18
•
28-02-2026, 23:06
होलिका दहन उत्तर में, कामा दहनम दक्षिण में: होली की दो अनूठी मान्यताएं.
•
होली भारत की सांस्कृतिक विविधता का प्रमाण है, उत्तर और दक्षिण में अलग-अलग तरीके से मनाई जाती है.
•
उत्तर भारत में फाल्गुन पूर्णिमा की रात होलिका दहन के रूप में मनाई जाती है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है.
•
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में इसे कामा दहनम या कामुनि पुन्नमी के रूप में मनाया जाता है, जो कामदेव के शिव द्वारा भस्म होने की कहानी से जुड़ा है.
•
दक्षिण में, बच्चे और युवा नौ दिनों तक घर-घर जाकर जाजिरी लोकगीत गाते हैं, जो कामा दहनम के साथ समाप्त होता है.
•
कामा दहनम के बाद की राख को पवित्र माना जाता है और माथे पर तिलक के रूप में लगाया जाता है, जो वासना और अहंकार के जलने का प्रतीक है.
News18 पर हिंदी में पूरा लेख पढ़ें
✦
More like this
✦
More like this
ब्रज की लठमार होली: भरतपुर और डीग की अनोखी परंपरा का अद्भुत रहस्य जानें.
N
News18
देवा शरीफ दरगाह: जहां होली पर सदियों से एक होते हैं हिंदू-मुस्लिम.
N
News18
कोटा में राज परिवार की अनूठी कोड़ा मार होली: गीले कोड़े और रंगों का अद्भुत संगम.
N
News18
भारत में होली के विविध रंग: मथुरा से मणिपुर तक, जानिए कैसे मनाते हैं त्योहार.
N
News18
होली के मीठे और नमकीन व्यंजन: गुजिया, श्रीखंड और मटन ने जमाया रंग.
N
News18
मुजफ्फरपुर में वृंदावन की छटा: गरीबनाथ मंदिर में फूलों की होली से गूंजा धाम.
N
News18