हैदराबाद की गुमनाम विरासत: दूध बावली के कैफे में आज भी जिंदा है मखलोट का जायका.

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News18•24-02-2026, 21:27
हैदराबाद की गुमनाम विरासत: दूध बावली के कैफे में आज भी जिंदा है मखलोट का जायका.
- •हैदराबाद के दूध बावली क्षेत्र में पुराने ईरानी कैफे मखलोट के स्वाद और विरासत को जीवित रखे हुए हैं.
- •मखलोट, जिसका अर्थ अरबी और फारसी में 'मिश्रण' है, ईरानी चाय और कॉफी का एक अनूठा मिश्रण है.
- •ये कैफे, अपनी संगमरमर की मेजों और पुरानी लकड़ी की कुर्सियों के साथ, हैदराबाद के बीते युग की झलक पेश करते हैं.
- •यहां आने वाले बुजुर्ग निजाम-युग के व्यंजनों और ईरानी पूर्वजों की अनकही कहानियाँ साझा करते हैं.
- •आधुनिक कॉफी संस्कृति के बावजूद, ये कैफे अपनी सादगी बनाए हुए हैं और मखलोट के शौकीनों को आकर्षित करते हैं.
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