
सरकारी योजनाएँ लोक कलाओं को कुछ सहायता प्रदान कर सकती हैं, लेकिन उनकी प्रभावशीलता सुनिश्चित नहीं है।
हाँ, अन्य राजस्थानी लोक कलाएँ भी गिरावट का सामना कर रही हैं, जिसमें कठपुतली नृत्य और कच्ची घोड़ी नृत्य कलाकारों के रोजगार और पहचान में संकट का अनुभव कर रहे हैं।
पारंपरिक कलाओं को नया रूप देकर और उन्हें आधुनिक स्वरूपों में प्रदर्शित करके युवाओं को उनकी ओर आकर्षित किया जा सकता है।