आदिलाबाद के ओझा समुदाय की विश्व प्रसिद्ध कला: एक सांचा, एक मूर्ति
आदिलाबाद की ओझा समुदाय की 4000 साल पुरानी कला, जिसका लोहा दुनिया मानती है.
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News18•26-03-2026, 20:04
आदिलाबाद की ओझा समुदाय की 4000 साल पुरानी कला, जिसका लोहा दुनिया मानती है.
•तेलंगाना के आदिलाबाद जिले का ओझा समुदाय 4,000 साल पुरानी 'लॉस्ट-वैक्स कास्टिंग' तकनीक से पीतल की मूर्तियां बनाता है.
•यह वही तकनीक है जिससे मोहनजो-दारो की प्रसिद्ध 'डांसिंग गर्ल' बनाई गई थी; इसे आदिलाबाद डोकरा के नाम से जाना जाता है और इसे जीआई टैग मिला है.
•इस कला में पहले मिट्टी का ढांचा बनता है, फिर उस पर मोम के धागों से बारीक डिजाइन उकेरे जाते हैं, जिसके बाद मिट्टी की परत चढ़ाकर सांचे को गर्म किया जाता है.
•सांचे को गर्म करने पर मोम पिघल जाता है और खाली जगह में पिघला हुआ पीतल भरा जाता है; ठंडा होने पर बाहरी मिट्टी का सांचा तोड़ दिया जाता है.
•प्रत्येक मूर्ति अद्वितीय होती है क्योंकि एक सांचे से केवल एक ही मूर्ति बनती है; बढ़ती लागत और युवा पीढ़ी का अन्य व्यवसायों की ओर रुझान इस कला के लिए चुनौतियां हैं.