रमजान की बरकतें: इबादत से महके घर-मस्जिदें, नेकी का फल मिलता है कई गुना ज्यादा.
N
News18•22-02-2026, 15:39
रमजान की बरकतें: इबादत से महके घर-मस्जिदें, नेकी का फल मिलता है कई गुना ज्यादा.
•रमजान-उल-मुबारक के पवित्र महीने में मुस्लिम समुदाय में एक अनूठा आध्यात्मिक माहौल देखा जाता है, जिसमें लोग इबादत में लीन रहते हैं.
•रमजान के दौरान दैनिक जीवन पूरी तरह से बदल जाता है, सुबह से रात तक इबादत, दुआओं और नेक कामों में समय व्यतीत होता है.
•महिलाएं इबादत, तिलावत के साथ-साथ परिवार की देखभाल और सहरी-इफ्तार की तैयारी में भी सक्रिय रहती हैं, दोहरी जिम्मेदारी निभाती हैं.
•रोजाना की दिनचर्या सहरी के साथ सुबह 3 बजे शुरू होती है, जिसके बाद फज्र की नमाज, कुरान की तिलावत और शाम 6:30 बजे इफ्तार होता है.
•मौलाना असगर के अनुसार, रोजा सिर्फ भूख-प्यास नहीं, बल्कि आत्म-संयम और आत्म-शुद्धि का माध्यम है, जिसके आध्यात्मिक और वैज्ञानिक लाभ हैं और नेक कामों का सवाब कई गुना बढ़ जाता है.