रमज़ान 2026: कुरान में रोज़े का महत्व और इस्लाम में इसके नियम
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रमजान 2026: कुरान में रोजे की अहमियत, इन गलतियों से बचें वरना होंगे गुनाह के हकदार.
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News18•20-02-2026, 18:49
रमजान 2026: कुरान में रोजे की अहमियत, इन गलतियों से बचें वरना होंगे गुनाह के हकदार.
•इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना रमजान, इबादत के लिए सबसे पवित्र माना जाता है और हर समझदार मुसलमान के लिए रोजा रखना अनिवार्य है.
•रोजा सिर्फ भूख-प्यास नहीं, बल्कि सुबह से शाम तक अल्लाह की खुशी के लिए खाने-पीने, वैवाहिक संबंधों और सभी बुराइयों से परहेज करके आत्म-नियंत्रण का अभ्यास है.
•अनजाने में खाना-पीना, ब्लड टेस्ट, इंजेक्शन, डायलिसिस, ऑक्सीजन, होम्योपैथिक दवा, लार निगलना, अनजाने में कीड़े का गले में जाना, अनैच्छिक उल्टी, काजल या आंखों में दवा डालने से रोजा नहीं टूटता है.
•जानबूझकर खाना-पीना, वैवाहिक संबंध बनाना, कान या नाक में दवा/तेल डालना, या गरारे करते समय पानी गले में जाने से रोजा टूट सकता है.
•जानबूझकर रोजा तोड़ने पर कजा और तौबा जरूरी है; रमजान धैर्य, त्याग, भाईचारे, जरूरतमंदों की मदद और जकात/सदका देने पर जोर देता है.