
रेखा अग्रवाल सांझी, मांडना और कावड़ जैसी लोक कला शैलियों में नई पीढ़ी को प्रशिक्षित करके पारंपरिक कला को संरक्षित करती हैं, साथ ही उन्हें अपनी स्केच पेंटिंग में भी शामिल करती हैं।
लोक कला और स्केच पेंटिंग जयपुर के युवा कलाकारों को प्रशिक्षण, संरक्षण और पारंपरिक राजस्थानी संस्कृति को प्रदर्शित करने के अवसर प्रदान करते हैं।
सरकारी पहलों, तकनीकी एकीकरण और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से पारंपरिक भारतीय कला रूप वैश्विक पहचान हासिल कर सकते हैं।