सीकर की शान सैनी जी की जलेबी: 1990 से बरकरार स्वाद, कुरकुरी बाहर, रसीली अंदर.

सीकर
N
News18•12-01-2026, 21:20
सीकर की शान सैनी जी की जलेबी: 1990 से बरकरार स्वाद, कुरकुरी बाहर, रसीली अंदर.
- •कल्याण सर्किल, सीकर के पास सैनी रेस्टोरेंट की जलेबी 1990 से शहर की पहचान बनी हुई है.
- •यह जलेबी पारंपरिक तरीके से मैदा और चीनी का उपयोग करके बनाई जाती है, बिना किसी मिलावट या कृत्रिम रंग के.
- •इसकी खासियत कुरकुरी बाहरी परत और रसीला अंदरूनी भाग है, जो गर्म चाशनी में डुबोने से बनता है.
- •सैनी जी की जलेबी दो दिनों तक ताज़ा रहती है, जो इसकी गुणवत्ता और सही तैयारी का प्रमाण है.
- •सर्दियों में जलेबी की मांग बढ़ जाती है; प्रतिदिन 20 किलो बनती है और अक्सर जल्दी बिक जाती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सैनी जी की जलेबी 1990 से सीकर की एक प्रतिष्ठित मिठाई है, जो अपनी गुणवत्ता और स्वाद के लिए प्रसिद्ध है.
✦
More like this
Loading more articles...





