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News1805-01-2026, 14:19

बारसात के सौरव मैती ने नेपाल में भारत को दिलाई जीत, संघर्षों से भरी कहानी.

  • बारसात के 19 वर्षीय सौरव मैती ने नेपाल में एक अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता में भारत के लिए विजयी गोल किया, जिससे टीम चैंपियन बनी.
  • सौरव के पिता, मृणाल मैती, बचपन में परिवार छोड़ गए थे; उनकी माँ, सोमा मैती, दुकान में काम करके उन्हें पाला, दादा-दादी का भी सहयोग मिला.
  • शुरुआत में क्रिकेट में रुचि रखने वाले सौरव को बिद्रोही क्लब के बड़ों ने फुटबॉल के लिए प्रेरित किया; उन्होंने कोलकाता लीग के चौथे डिवीजन में खेला है.
  • बारसात बनमालीपुर प्रियनाथ बॉयज़ स्कूल में 12वीं कक्षा के छात्र, सौरव क्रिस्टियानो रोनाल्डो और सुनील छेत्री को अपना आदर्श मानते हैं.
  • सौरव का सपना भारत के लिए नियमित रूप से खेलना है, वे अपनी सफलता का श्रेय परिवार को देते हैं और अपने स्थानीय समुदाय को प्रेरित करते हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सौरव मैती की संघर्ष से अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल नायक बनने की प्रेरणादायक यात्रा.

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