मेदाराम जतारा 2026: आदिवासी जनजातीय संग्रहालय में प्राचीन उपकरण और सम्मक्का का जीवन

मुलुगु
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News18•30-01-2026, 12:19
मेदाराम जतारा 2026: आदिवासी जनजातीय संग्रहालय में प्राचीन उपकरण और सम्मक्का का जीवन
- •तेलंगाना के मुलुगु जिले में मेदाराम जतारा में स्थित आदिवासी जनजातीय संग्रहालय लाखों भक्तों के लिए एक प्रमुख आकर्षण है.
- •संग्रहालय सम्मक्का के जीवन की कहानी को छह चरणों में बताता है, जिसमें बचपन से लेकर देवी के रूप में पूजे जाने तक की यात्रा मूर्तियों के माध्यम से दर्शाई गई है.
- •इसमें आदिवासियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले प्राचीन उपकरण प्रदर्शित किए गए हैं, जिनमें पानी के लिए सूखे लौकी, बांस की टोकरियाँ और पारंपरिक माप उपकरण शामिल हैं.
- •संग्रहालय में पारंपरिक औषधीय जड़ी-बूटियाँ, जानवरों के सींग और खाल जैसे शिकार के सामान, और पैतृक झोपड़ियों और मिट्टी के चूल्हों की प्रतिकृतियाँ भी हैं.
- •मेदाराम जतारा आने वाले भक्त आदिवासी जनजातियों की समृद्ध प्राचीन परंपराओं के बारे में जानने के लिए संग्रहालय में उमड़ रहे हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: मेदाराम जतारा में आदिवासी जनजातीय संग्रहालय प्राचीन आदिवासी जीवन और सम्मक्का की कहानी की अनूठी झलक प्रदान करता है.
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