वृषभानु जी ने पुरोहित को लड्डू दिए. साथ ही इस दौरान श्री राधा रानी की सखियों ने
मथुरा
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News1815-02-2026, 16:06

ब्रज की अनोखी होली: लड्डू होली से लट्ठमार तक, आस्था और परंपरा का जीवंत उत्सव.

  • ब्रजभूमि में होली आस्था, प्रेम और परंपरा का जीवंत उत्सव है, जिसकी शुरुआत बसंत पंचमी पर बरसाना में लड्डू होली और लट्ठमार होली से होती है.
  • यह परंपरा द्वापर युग से जुड़ी है, जब बरसाना की सखियों ने नंदगांव को होली का निमंत्रण दिया था, जिसके बाद लड्डू और गुलाल का आदान-प्रदान हुआ.
  • बरसाना लट्ठमार होली का मुख्य केंद्र बन जाता है, जहां नंदगांव के हुरियारे बरसाना की हुरियारिनों के साथ होली खेलते हैं, जिसकी शुरुआत पांडा के औपचारिक निमंत्रण से होती है.
  • श्रीजी मंदिर में अनोखी 'लड्डू होली' मनाई जाती है, जहां पांडा के स्वागत में लड्डू फेंके जाते हैं और फिर भक्तों के बीच भी बरसाए जाते हैं.
  • देश-विदेश से भक्त हर साल बरसाना आते हैं, यहां की होली को अद्भुत, दिव्य और दुनिया में सबसे अलग बताते हैं.

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