गाजर-मूली की खेती: किसानों के लिए सर्दियों में मुनाफे का नया फॉर्मूला

मुरादाबाद
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News18•12-01-2026, 19:52
गाजर-मूली की खेती: किसानों के लिए सर्दियों में मुनाफे का नया फॉर्मूला
- •मुरादाबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गाजर-मूली की बंपर पैदावार, सर्दियों में जबरदस्त मांग.
- •15-25 डिग्री सेल्सियस तापमान और रेतीली दोमट मिट्टी इन फसलों के लिए सबसे उपयुक्त है.
- •खेत की तैयारी में 2-3 बार जुताई, गोबर की खाद और ट्राइकोडर्मा से बीज उपचार शामिल है.
- •सही दूरी (पंक्ति से पंक्ति 30-45 सेमी, पौधे से पौधा 8-10 सेमी) पर बुवाई से अच्छी पैदावार मिलती है.
- •30-45 दिनों में तैयार होने वाली यह फसल किसानों को कम लागत में तगड़ा मुनाफा दे रही है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: गाजर-मूली की सही विधि से खेती किसानों के लिए सर्दियों में आय बढ़ाने का शानदार तरीका है.
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