गोस्वामी तुलसीदास।
लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश
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News1802-01-2026, 16:32

धौरहरा का रहस्य: वट वृक्ष के नीचे आज भी जीवित है तुलसीदास की तपस्या.

  • लखीमपुर खीरी के धौरहरा स्थित श्री राम वाटिका धाम में गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरितमानस के बालकांड और सुंदरकांड की रचना की थी.
  • एक प्राचीन वट वृक्ष, जो तुलसीदास की दातुन से उगा माना जाता है, उनकी तपस्या और रचनात्मकता का साक्षी है.
  • तुलसीदास ने लगभग 471 साल पहले सरयू नदी के किनारे इस शांत स्थान को अपने साहित्यिक कार्य के लिए चुना था.
  • यह स्थल धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहाँ भक्त मुंडन संस्कार जैसे अनुष्ठानों और वार्षिक आयोजनों के लिए आते हैं.
  • रामचरितमानस का बालकांड भगवान राम के जन्म, बचपन और विवाह का विस्तृत वर्णन अवधी भाषा में प्रस्तुत करता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: धौरहरा का श्री राम वाटिका धाम तुलसीदास की विरासत को संजोए हुए एक पवित्र साहित्यिक और आध्यात्मिक स्थल है.

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