दुखहरण नाथ धाम: त्रेता युग से जुड़ा प्राचीन मंदिर, दर्शन मात्र से दूर होते हैं दुख.

गोंडा
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News18•12-01-2026, 12:22
दुखहरण नाथ धाम: त्रेता युग से जुड़ा प्राचीन मंदिर, दर्शन मात्र से दूर होते हैं दुख.
- •गोंडा जिले में स्थित दुखहरण नाथ महादेव मंदिर एक प्राचीन और पवित्र स्थल है, जहां भगवान भोलेनाथ ने विश्राम किया था.
- •भक्तों का मानना है कि मंदिर के दर्शन मात्र से मानसिक कष्ट दूर होते हैं और शांति मिलती है.
- •मंदिर का इतिहास त्रेता युग से जुड़ा है, जब भगवान शिव ने अयोध्या से लौटते समय यहां विश्राम किया था.
- •किंवदंती है कि भगवान शिव ने भगवान श्री राम के रोने को रोकने के लिए अयोध्या वापस जाकर दर्शन दिए, जिससे मंदिर का नाम 'दुखहरण नाथ' पड़ा.
- •सावन और कजरी तीज के दौरान विशेष पूजा होती है, जिसमें कांवड़िये सरयू नदी से जल लाकर जलाभिषेक करते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: त्रेता युग से जुड़ा दुखहरण नाथ महादेव मंदिर एक पवित्र स्थल है, जहां भक्तों के दुख दूर होते हैं.
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