मेवा और खोया से भरपूर गुझिया बनाती महिलाएं.
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News1804-03-2026, 09:06

फर्रुखाबाद: कमालगंज की 50 साल पुरानी दुकान की मशहूर गुझिया, सालभर उमड़ती है भीड़.

  • फर्रुखाबाद के कमालगंज में अमन मिष्ठान भंडार की 50 साल पुरानी दुकान पर 30 साल पहले गुझिया बनाना शुरू हुआ, जो अब पूरे साल खाई जाती है.
  • यह गुझिया सिर्फ होली पर नहीं, बल्कि सालभर पसंद की जाती है, और इसे खाने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं, जिनमें गुजरात, बड़ौदा और मध्य प्रदेश के ग्राहक भी शामिल हैं.
  • शुद्ध दूध के खोया, इलायची और मेवों से बनी होली स्पेशल गुझिया 300 रुपये प्रति किलोग्राम में बेची जा रही है.
  • दुकानदार अमन चौरसिया के अनुसार, होली के दौरान रोजाना सैकड़ों किलो गुझिया बिकती है और मासिक आय 50,000 रुपये से अधिक है.
  • सुबह दुकान खुलते ही ग्राहकों की कतार लग जाती है, और ट्रक ड्राइवर भी इसे पैक करवाकर दूसरे राज्यों में ले जाते हैं, जिससे इसकी प्रसिद्धि कई राज्यों में फैल गई है.

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