साली से मज़ाक: इस्लाम में जायज़ या नाजायज़? मौलाना ने बताया 'हराम'.

अलीगढ़
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News18•07-01-2026, 09:37
साली से मज़ाक: इस्लाम में जायज़ या नाजायज़? मौलाना ने बताया 'हराम'.
- •इस्लाम में साली 'गैर-महरम' है, जिससे पर्दा और दूरी बनाए रखना ज़रूरी है.
- •गैर-महरम से अनावश्यक बातचीत, शारीरिक निकटता या अश्लीलता सख्त 'हराम' है.
- •बातचीत, शारीरिक संपर्क या इशारे जो 'ज़िना' (अवैध यौन संबंध) की ओर ले जाएं, 'हराम' और 'नाजायज़' माने जाते हैं.
- •जीजा को साली से बात करते समय शरिया सीमाओं में रहना चाहिए.
- •अश्लील मज़ाक, आपत्तिजनक मैसेजिंग (जैसे WhatsApp) इस्लाम में 'हराम' है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: इस्लाम साली से अनुचित बातचीत और मज़ाक को 'गैर-महरम' मानते हुए 'हराम' बताता है, जो गुनाह हो सकता है.
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