देवर-भाभी का हंसी-मज़ाक जायज़ या नाजायज़?
अलीगढ़
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News1809-01-2026, 09:31

इस्लाम में देवर-भाभी के हंसी-मजाक पर मौलाना का स्पष्टीकरण: जानें शरीयत के नियम.

  • उत्तर प्रदेश के ग्रैंड मुफ्ती, मौलाना चौधरी हुसैन ने देवर-भाभी के रिश्ते पर इस्लामी कानून (शरीयत) और पर्दा प्रथा को समझाया.
  • इस्लाम में देवर-भाभी एक-दूसरे के लिए गैर-महरम हैं, इसलिए उनके बीच पर्दा (मर्यादा) अनिवार्य है.
  • हंसी-मजाक केवल सम्मानजनक और इस्लामी सीमाओं के भीतर ही स्वीकार्य है; अश्लीलता या शारीरिक संपर्क हराम है.
  • हदीस में देवर को 'मौत' कहा गया है, जो दोनों पक्षों के लिए अत्यधिक सावधानी और दूरी बनाए रखने पर जोर देता है.
  • देवर और भाभी दोनों को इस्लामी सिद्धांतों का पालन करते हुए मर्यादा का उल्लंघन करने से बचना चाहिए.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: इस्लाम देवर-भाभी के बीच हंसी-मजाक और बातचीत पर सख्त इस्लामी सीमाएं और पर्दा अनिवार्य करता है.

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