आधुनिकीकरण बना संकट: चित्रकूट के किसानों को गेहूं की सिंचाई में भारी परेशानी

चित्रकूट
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News18•12-01-2026, 23:20
आधुनिकीकरण बना संकट: चित्रकूट के किसानों को गेहूं की सिंचाई में भारी परेशानी
- •रबी गेहूं की सिंचाई के महत्वपूर्ण समय में प्रमुख पंप नहरों के अस्थायी बंद होने से चित्रकूट के किसानों की मुश्किलें बढ़ीं.
- •सोनपुर, बांकट, पश्चिम पटाई और लमियरी पंप नहरें आधुनिकीकरण (सीसी लाइनिंग और मरम्मत) के लिए जनवरी के मध्य से फरवरी के मध्य तक बंद रहेंगी.
- •नहरबंदी से हजारों बीघा कृषि भूमि प्रभावित होगी, जिससे गेहूं की फसल के लिए समय पर पहली सिंचाई न मिलने का खतरा है, जो उपज के लिए महत्वपूर्ण है.
- •किसानों पर लागत का बोझ बढ़ा है, उन्हें महंगे निजी नलकूपों या डीजल पंपों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे उनका बजट प्रभावित हो रहा है.
- •प्रशासन ने आधुनिकीकरण के बाद भविष्य में सुचारू जल आपूर्ति का आश्वासन दिया है और बाद की सिंचाई को प्रभावित न करने के लिए काम तेजी से पूरा करने का लक्ष्य रखा है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: चित्रकूट में गेहूं की सिंचाई के चरम पर नहरों का आधुनिकीकरण किसानों के लिए संकट बन गया है, जिससे लागत बढ़ रही है और उपज खतरे में है.
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