इतिहवा टीला: बुद्ध की ध्यान स्थली और ब्रिटिश तोपों की गूंज, क्या है इतिहास?

सुल्तानपुर
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News18•20-01-2026, 13:41
इतिहवा टीला: बुद्ध की ध्यान स्थली और ब्रिटिश तोपों की गूंज, क्या है इतिहास?
- •उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में गोमती नदी के किनारे स्थित इतिहवा टीला सदियों पुराना एक रहस्यमयी विरासत स्थल है, जिसे कभी जिले का मुख्यालय और शाही किला माना जाता था.
- •पुरातत्व विभाग के अनुसार, यह टीला 250-300 साल पुरानी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का मूक गवाह है, और यहां मिली मिट्टी के बर्तनों से इसके अयोध्या के राजा रामचन्द्र के पुत्र कुश द्वारा स्थापित होने की पुष्टि होती है.
- •माना जाता है कि भगवान बुद्ध ने भी यहां ध्यान किया और लोगों को उपदेश दिए थे; मध्यकाल में यहां भरों का शासन था, जिसे अलाउद्दीन खिलजी ने पराजित कर किले पर कब्जा कर लिया था.
- •80 फुट ऊंचे इस टीले पर एक प्राचीन गुफा भी मौजूद है, जहां योगी वीर बाबा नामक एक पूजनीय संत रहते थे, और पहले इस गुफा के ऊपर एक मंदिर भी था.
- •स्थानीय किंवदंतियों के अनुसार, अंग्रेजों ने भी इस टीले का उपयोग अपने सैनिकों को प्रशिक्षित करने के लिए किया था, और कुछ लोग कहते हैं कि यहां एक शिवलिंग पर आज भी ब्रिटिश गोलियों के निशान हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सुल्तानपुर का इतिहवा टीला प्राचीन इतिहास, बुद्ध के ध्यान और ब्रिटिश सैन्य उपयोग का एक अनूठा संगम है.
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