बचपन में पिता की मौत, पॉपकॉर्न बेचकर परिवार का सहारा बना शेर सिंह.

बलिया
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News18•08-01-2026, 16:12
बचपन में पिता की मौत, पॉपकॉर्न बेचकर परिवार का सहारा बना शेर सिंह.
- •इटावा के शेर सिंह ने बचपन में पिता को खोया, जिसके बाद उन्होंने पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाली.
- •मजदूरी से बचाए 18,000 रुपये से पॉपकॉर्न बनाने की मशीन खरीदी और बलिया में अपना छोटा व्यवसाय शुरू किया.
- •पांचवीं तक पढ़े शेर सिंह 8 साल से बलिया की सड़कों और मोहल्लों में घूमकर पॉपकॉर्न बेच रहे हैं, प्रतिदिन 20-25 किमी चलते हैं.
- •प्रतिदिन 500-600 रुपये कमाकर वह अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं और अपने दो बेटों व एक बेटी की शिक्षा का खर्च उठाते हैं.
- •उनकी कहानी संघर्ष, कड़ी मेहनत और पारिवारिक जिम्मेदारी की एक प्रेरणादायक मिसाल है, जो दृढ़ संकल्प की शक्ति दर्शाती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: शेर सिंह की कहानी बताती है कि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है.
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