पैरा एथलीट प्रवीण कुमार: सिल्वर से पद्मश्री तक, संघर्ष और सफलता की कहानी

ग्रेटर नोएडा
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News18•27-01-2026, 10:43
पैरा एथलीट प्रवीण कुमार: सिल्वर से पद्मश्री तक, संघर्ष और सफलता की कहानी
- •ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र के पैरा हाई-जंप एथलीट प्रवीण कुमार को अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर भारत का नाम रोशन करने के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया है.
- •उनका खेल करियर 2018 के अंत में शुरू हुआ, जिसमें उन्हें श्रेणी 42 से 44 में बदलाव का सामना करना पड़ा, जो पैरालिंपिक में सबसे कठिन है, जिससे वे मानसिक रूप से टूट गए थे.
- •परिवार और कोच के समर्थन से, उन्होंने चुनौतियों को पार किया, 2020 में पैरालिंपिक के लिए क्वालीफाई किया और 2021 के पैरालिंपिक खेलों में रजत पदक जीता.
- •प्रवीण ने 2023 के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक और एशियाई रिकॉर्ड बनाया, जिसके बाद 2024 के पैरालिंपिक में एक और स्वर्ण और एशियाई रिकॉर्ड हासिल किया.
- •वह व्यक्तिगत प्रतिभा को पहचानने, कठिनाइयों से लड़ने और पैरा-एथलीटों के लिए सामाजिक समर्थन का आह्वान करते हैं, उनका अगला लक्ष्य 2028 लॉस एंजिल्स पैरालिंपिक है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: प्रवीण कुमार की यात्रा लचीलेपन का एक उदाहरण है, जो अटूट समर्थन और आत्म-विश्वास के साथ असफलताओं को जीत में बदल देती है.
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