पैरालिसिस को हराकर शिवेंद्र पचौरी ने वेटलिफ्टिंग में जीते गोल्ड, अब एशियन गेम्स का सपना

फ़िरोज़ाबाद
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News18•04-02-2026, 13:47
पैरालिसिस को हराकर शिवेंद्र पचौरी ने वेटलिफ्टिंग में जीते गोल्ड, अब एशियन गेम्स का सपना
- •फिरोजाबाद के शिकोहाबाद निवासी शिवेंद्र पचौरी ने 2016 में गंभीर पैरालिसिस बीमारी को मात दी, जिससे उनके शरीर का आधा हिस्सा काम करना बंद कर दिया था.
- •डॉक्टरों की सलाह पर उन्होंने योग शुरू किया और फिर खेल में उतर गए, खासकर वेटलिफ्टिंग और रेसिंग गेम्स में, जहाँ उन्होंने तेजी से सफलता हासिल की.
- •उन्होंने दुनिया भर की वेटलिफ्टिंग और प्लैंक प्रतियोगिताओं में कई पुरस्कार और स्वर्ण पदक जीते हैं, जिसमें ज़ी स्टूडियो जयपुर से सम्मान और 2023 में फिटनेस आइकन अवार्ड शामिल है.
- •सेना में कार्यरत पचौरी अपनी सफलता का श्रेय अपने अधिकारियों के समर्थन और अपनी सुबह 3 बजे की तैयारी को देते हैं.
- •बॉलीवुड अभिनेता विद्युत जामवाल की फिटनेस से प्रेरित होकर, उनका लक्ष्य अब आगामी एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करना और पदक जीतना है.
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