रमजान में रोजा रखने के नियम: झूठ, चुगली छोड़ें, तभी कुबूल होगी इबादत.
रमजान में रोजा रखने के नियम: झूठ, चुगली छोड़ें, तभी कुबूल होगी इबादत.
- •रमजान का पवित्र महीना चल रहा है, इस्लाम में इसे इबादत के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है.
- •फिरोजाबाद के इमाम मौलाना मुजफ्फरहुसैन बरकाती ने बताया कि रोजे के साथ नियमों का पालन करना जरूरी है.
- •रोजेदार सहरी से रोजा शुरू करते हैं और इफ्तार के समय खजूर से रोजा खोलते हैं.
- •रमजान में खाने-पीने के साथ-साथ झूठ, फरेब, चुगली और बेईमानी से भी बचना चाहिए.
- •रोजे का मतलब सिर्फ खाने-पीने से परहेज नहीं, बल्कि नियत साफ रखना और जकात-सदका देना भी है.