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महराजगंज में सड़क किनारे झोपड़ी में जीवन बिता रहे रमेश परिवार की दुखद गाथा.
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महराजगंज में सड़क किनारे झोपड़ी में फंसी रमेश परिवार की दर्दभरी ज़िंदगी, भूख और मुश्किलों से जूझते बच्चे.
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News18
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23-02-2026, 22:14
महराजगंज में सड़क किनारे झोपड़ी में फंसी रमेश परिवार की दर्दभरी ज़िंदगी, भूख और मुश्किलों से जूझते बच्चे.
•
उत्तर प्रदेश के महराजगंज में रमेश का परिवार सड़क किनारे झोपड़ी में गरीबी और भूख से जूझ रहा है.
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वे 35 सालों से इस झोपड़ी में रह रहे हैं; रमेश सिलबट्टे बनाते हैं और परिवार के अन्य सदस्य ईंट भट्ठों पर काम करते हैं.
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परिवार की महिलाएं भी गांवों में मजदूरी करती हैं, जिससे उन्हें चावल, आटा या पैसे मिलते हैं.
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परिवार के एक बच्चे ने बताया कि उन्हें शायद ही कभी भरपेट खाना मिलता है और पैसे की कमी के कारण वे पढ़ नहीं पाते.
•
मसाले पीसने वाली मशीनों के आने से रमेश के सिलबट्टे बनाने का काम कम हो गया है, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हुई है.
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