इंदिरा अम्मा भोजनालय से भरता है गरीबों का पेट 
देहरादून
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News1830-01-2026, 13:42

अम्मा भोजनालय संकट: 42 में से 19 बंद, गरीबों के लिए सस्ता भोजन खतरे में

  • हरीश रावत सरकार द्वारा 2015 में शुरू किए गए 42 इंदिरा अम्मा भोजनालयों में से 19 बंद हो गए हैं.
  • ये भोजनालय 20-25 रुपये में भोजन उपलब्ध कराते हैं, जो मजदूरों, छात्रों और कम आय वाले व्यक्तियों के लिए किफायती भोजन प्रदान करते हैं.
  • देहरादून के अमित और ध्यान सिंह जैसे निवासी इन कैंटीनों पर निर्भर हैं, उनका कहना है कि बाजार में भोजन 80-100 रुपये का मिलता है, जिससे कम वेतन वालों के लिए मुश्किल होती है.
  • कैंटीन चलाने वाले स्वयं सहायता समूहों को सरकारी सब्सिडी (प्रति भोजन 10 रुपये) के भुगतान में देरी को बंद होने का एक प्रमुख कारण बताया गया है.
  • ग्रामीण विकास विभाग के सचिव धीरज गबर्याल ने आश्वासन दिया है कि योजना समाप्त नहीं की जाएगी, जिसका उद्देश्य किफायती भोजन और महिलाओं को रोजगार प्रदान करना जारी रखना है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: लगभग आधे इंदिरा अम्मा भोजनालयों के बंद होने से गरीबों के लिए किफायती भोजन की उपलब्धता खतरे में है.

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