अनोखी नाटकीय होली 
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News1803-03-2026, 09:45

बागेश्वर की अनोखी होली: औरत बनती है आदमी, आदमी बनता है औरत, नाटकीय अंदाज में उत्सव.

  • उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र, खासकर बागेश्वर में होली संगीत, परंपरा और नाटकीय प्रदर्शन का अनूठा संगम है.
  • बैठकी होली (शास्त्रीय गीत) और खड़ी होली (वृत्त नृत्य) के रूप में मनाई जाने वाली इस होली में एक विशेष नाटकीय परंपरा है.
  • महिलाएं पुरुषों का वेश धारण करती हैं (सैनिक, बूढ़े दादा) और पुरुष महिलाओं का वेश धारण करते हैं (घाघरा-चोली, दुपट्टा, गहने), जिन्हें 'नकता' या 'स्वांग' कहते हैं.
  • यह लोक-नाट्य परंपरा हास्य और व्यंग्य के माध्यम से सामाजिक संदेश देती है और समानता व खुलेपन का प्रतीक है, जिससे लोग अपनी सीमाओं से बाहर निकल पाते हैं.
  • कुमाऊं के गांवों में 'नाटकीय होली', जिसमें सैनिक, बनिया और पंडित जैसे पात्र होते हैं, लोक संस्कृति को जीवित रखती है और दूर-दूर से पर्यटकों को आकर्षित करती है.

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