नन्‍ही परी केस: धामी सरकार पर न्याय में देरी का दबाव, आंदोलन की तैयारी.
पिथौरागढ़
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News1808-01-2026, 10:14

नन्‍ही परी केस: धामी सरकार पर न्याय में देरी का दबाव, आंदोलन की तैयारी.

  • अंकिता भंडारी मामले के बाद, 2014 के 'नन्‍ही परी' (कशिश) हत्याकांड में 11 साल बाद भी न्याय की उम्मीदें धूमिल हो रही हैं.
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने के निर्देश के 112 दिन बाद भी कोई ठोस प्रगति नहीं हुई.
  • पीड़िता के चाचा तारा चंद ने सरकार पर केवल 'कागजी कार्रवाई' का आरोप लगाया और कशिश के लिए न्याय हेतु आंदोलन का आह्वान किया.
  • कांग्रेस नेता महेंद्र लुंठी ने सरकार पर हमला बोला और न्याय में देरी होने पर पिथौरागढ़ बंद और राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी.
  • सुप्रीम कोर्ट ने 2023 में आरोपी अख्तर अली को 'परिस्थितिजन्य' साक्ष्य और पुलिस की कथित लापरवाही के कारण बरी कर दिया था.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: धामी सरकार पर 2014 के 'नन्‍ही परी' हत्याकांड में न्याय में देरी को लेकर दबाव बढ़ रहा है.

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