उत्तराखंड में बर्फबारी से ग्लेशियरों को नई जिंदगी, किसानों और पर्यटन को भी मिला बूस्ट

बागेश्वर
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News18•24-01-2026, 21:41
उत्तराखंड में बर्फबारी से ग्लेशियरों को नई जिंदगी, किसानों और पर्यटन को भी मिला बूस्ट
- •उत्तराखंड के ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी ने ग्लोबल वार्मिंग और पिघलते ग्लेशियरों के बीच पर्यावरण को बड़ी राहत दी है.
- •पिंडारी, कफनी और सुंदरढुंगा जैसे ग्लेशियरों पर बर्फ की नई परत गर्मियों में तेजी से पिघलने की प्रक्रिया को धीमा कर सकती है, जिससे उनका जीवनकाल बढ़ेगा.
- •बर्फबारी से गंगा, यमुना और पिंडर जैसी बारहमासी नदियों को पानी मिलता रहेगा, जिससे गर्मियों में पानी के संकट से कुछ हद तक राहत मिलेगी.
- •ताजी बर्फ 'स्नो डार्कनिंग इफेक्ट' को कम करती है, जिससे ग्लेशियर कम गर्मी सोखते हैं और धीरे-धीरे पिघलते हैं.
- •यह बर्फबारी पर्यटन स्थलों को फिर से जीवंत करेगी और रबी फसलों के लिए आवश्यक नमी प्रदान कर किसानों को लाभ पहुंचाएगी, हालांकि दीर्घकालिक समाधान के लिए जलवायु परिवर्तन पर नियंत्रण आवश्यक है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: उत्तराखंड में हालिया बर्फबारी से ग्लेशियरों, नदियों, किसानों और पर्यटन को राहत मिली है, लेकिन दीर्घकालिक जलवायु कार्रवाई महत्वपूर्ण है.
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