उत्तराखंड के 'घोस्ट विलेज' पर्यटन योजनाओं से आबाद, पलायन पर लगा ब्रेक.

नैनीताल
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News18•31-01-2026, 12:46
उत्तराखंड के 'घोस्ट विलेज' पर्यटन योजनाओं से आबाद, पलायन पर लगा ब्रेक.
- •उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों से पलायन, जो रोजगार और सुविधाओं की कमी के कारण एक गंभीर चिंता थी, अब नई पर्यटन पहलों से संबोधित किया जा रहा है.
- •राज्य का पर्यटन विभाग होमस्टे को बढ़ावा दे रहा है और युवाओं को बर्ड वाचिंग, ट्रेकिंग और साहसिक पर्यटन में प्रशिक्षित कर रहा है ताकि स्थानीय रोजगार पैदा हो सके.
- •नैनीताल जिले में 909 पंजीकृत होमस्टे और 995 होटल/रिसॉर्ट के साथ महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई है, जिसने पांच वर्षों में 660 नई पर्यटन इकाइयाँ जोड़ी हैं.
- •वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना होमस्टे, रिसॉर्ट और कैफे जैसे पर्यटन व्यवसायों के लिए 33% तक सब्सिडी प्रदान करती है.
- •पंडित दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे विकास योजना होमस्टे निर्माण के लिए 15 लाख रुपये तक का ऋण प्रदान करती है, जिसमें 50% सरकारी सब्सिडी शामिल है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पर्यटन योजनाएं उत्तराखंड के गांवों में पलायन को रोकने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सफल हो रही हैं.
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