एक हथिया देवाल - जहाँ आस्था, शिल्पकला और लोककथाएं पत्थरों में है जीवित
पिथौरागढ़
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News1805-01-2026, 11:48

उत्तराखंड का रहस्यमयी शिव मंदिर: एक रात में बना, नहीं होती पूजा.

  • उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में स्थित हथिया देवाल एक प्राचीन शिव मंदिर है, जो अपनी अनूठी वास्तुकला और पूजा न होने के लिए प्रसिद्ध है.
  • स्थानीय किंवदंती के अनुसार, एक कुशल कारीगर ने एक हाथ से एक ही रात में पूरे मंदिर का निर्माण एक विशाल चट्टान से किया था.
  • एक अन्य कहानी बताती है कि एक राजा ने कारीगर का हाथ काट दिया था, जिसके विरोध में ग्रामीणों ने मंदिर में पूजा नहीं करने का फैसला किया.
  • नागर शैली में चट्टान से तराशा गया यह मंदिर पश्चिममुखी है और इसमें एक शिवलिंग भी है.
  • मंदिर में पूजा नहीं की जाती क्योंकि शिवलिंग की दिशा को अशुभ माना जाता है, जिससे दुर्भाग्य आने का डर है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: उत्तराखंड का यह अनोखा मंदिर, एक हाथ से एक रात में बना, शिवलिंग की अशुभ दिशा के कारण पूजा रहित है.

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