রাজরাজেশ্বরী পুজো
पश्चिम बंगाल
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News1826-01-2026, 19:35

मुर्शिदाबाद में माघी बसंत में शुरू हुई 300 साल पुरानी राजराजेश्वरी पूजा

  • मुर्शिदाबाद के राजुआ दिघी में पवित्र कलश भरने के साथ प्राचीन राजराजेश्वरी पूजा, एक 'वसंत-पूर्व दुर्गा पूजा' शुरू हुई.
  • बांसबाती गांव, सूती-1 ब्लॉक में सालाना आयोजित यह 300 साल पुरानी परंपरा सद्भाव का त्योहार है, जो विभिन्न समुदायों को आकर्षित करती है.
  • पुजारी बाबूराम मजूमदार और निताई चक्रवर्ती ने पूजा का उद्घाटन किया, जो मुर्शिदाबाद, बीरभूम, झारखंड और बिहार के भक्तों को आकर्षित करती है.
  • देवी राजराजेश्वरी को दुर्गा के षोडशी रूप में दर्शाया गया है, चार भुजाओं वाली, ब्रह्मा-विष्णु-महेश्वर और धर्मराज एक ही मूर्ति संरचना पर, जया और विजया से घिरी हुई हैं.
  • मुख्य पूजा षष्ठी से दशमी तक चलती है, जिसमें माघी पूर्णिमा तक दैनिक पूजा जारी रहती है, साथ में मेले, बाउल गीत, नाटक और कवि गान भी होते हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: मुर्शिदाबाद की 300 साल पुरानी राजराजेश्वरी पूजा, एक अनूठी वसंत दुर्गा पूजा, सद्भाव और परंपरा का जश्न मनाती है.

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