রটন্তী কালী পুজো 
पश्चिम बंगाल
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News1819-01-2026, 20:53

मुर्शिदाबाद के कांदी में 650 साल पुरानी रटंती काली पूजा धूमधाम से मनाई गई.

  • मुर्शिदाबाद के छातिनाकांदी, कांदी में सिद्धान्त परिवार की प्राचीन रटंती काली पूजा लगभग 650 साल पुरानी है.
  • माघ महीने की चतुर्दशी तिथि पर मनाई जाने वाली यह पूजा रात भर विशेष अनुष्ठानों, होम और यज्ञ के साथ चलती है.
  • इस परंपरा की शुरुआत तपस्वी सदाशिव घोषाल ने की थी, जो मेदिनीपुर से तत्कालीन घने जंगल वाले कांदी आए थे.
  • देवी मुंडमालिनी को पाओ पीठे, खेरोर तरकारी और विभिन्न सर्दियों की सब्जियों जैसे अनोखे भोग चढ़ाए जाते हैं.
  • यह पूजा तांत्रिक अनुष्ठानों का पालन करती है, इसमें पशु बलि शामिल है, और अगली सुबह एक स्थानीय तालाब में मूर्ति विसर्जन के साथ समाप्त होती है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: मुर्शिदाबाद की 650 साल पुरानी रटंती काली पूजा अनोखे भोग के साथ एक भव्य, पारंपरिक उत्सव बनी हुई है.

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