पुरुलिया में लोक कला का उत्सव: छऊ, झुमुर, बाउल, आदिवासी संस्कृति और जात्रा महोत्सव

पश्चिम बंगाल
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News18•20-01-2026, 23:24
पुरुलिया में लोक कला का उत्सव: छऊ, झुमुर, बाउल, आदिवासी संस्कृति और जात्रा महोत्सव
- •पुरुलिया ब्लॉक नंबर 2 में जिला सूचना और संस्कृति विभाग द्वारा तीन दिवसीय जिला लोक संस्कृति और आदिवासी संस्कृति और जात्रा महोत्सव का आयोजन किया गया.
- •महोत्सव में रानपा, घोड़ा नाच, संताली नृत्य, छऊ, झुमुर, बाउल, लोक नाटक और जात्रा प्रदर्शन सहित विभिन्न लोक कलाओं का प्रदर्शन किया गया.
- •जिले के लगभग 22,000 पंजीकृत लोक कलाकारों ने भाग लिया, जिनमें से कई को सरकारी भत्ता मिलता है.
- •जिला सूचना और संस्कृति विभाग के अधिकारी सिद्धार्थ चक्रवर्ती ने जात्रा को पुनर्जीवित करने में महोत्सव की भूमिका पर प्रकाश डाला, जो विलुप्त होने के कगार पर थी.
- •पुरुलिया जिला परिषद की सभाधिपति निवेदिता महतो ने जंगलमहल की लोक संस्कृति और विरासत को बढ़ावा देने के राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पुरुलिया का 15वां वार्षिक लोक और आदिवासी महोत्सव पारंपरिक कलाओं को पुनर्जीवित कर 22,000 कलाकारों का समर्थन करता है.
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