रायबेशे नृत्य: मुर्शिदाबाद के कलाकार लुप्त होती लोक कला को बचाने के लिए संघर्षरत

पश्चिम बंगाल
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News18•27-01-2026, 11:40
रायबेशे नृत्य: मुर्शिदाबाद के कलाकार लुप्त होती लोक कला को बचाने के लिए संघर्षरत
- •मुर्शिदाबाद के बरुनिया के रायबेशे नर्तक आजीविका कमाने के लिए 'रणपा' जैसे कलाबाजी करतब दिखाते हैं.
- •लगभग 15 युवा अपने परिवारों का भरण-पोषण करते हैं और इस प्राचीन लोक संस्कृति को संरक्षित करने का प्रयास करते हैं.
- •कभी लोकप्रिय रहा रायबेशे प्रदर्शन अब दुर्लभ हो गया है, जो ज्यादातर गणतंत्र दिवस या स्वतंत्रता दिवस तक सीमित है.
- •गुरुसदय दत्त ने पहले रायबेशे को ब्राताचरी आंदोलन के साथ एकीकृत करके पुनर्जीवित करने का प्रयास किया था, लेकिन यह सफल नहीं रहा.
- •बीरभूम में उत्पन्न रायबेशे में बांस की छड़ियों के साथ शारीरिक कौशल शामिल है, जिसे पारंपरिक रूप से जमींदार के लाठियाल करते थे.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: मुर्शिदाबाद के रायबेशे कलाकार घटते अवसरों के बीच अपनी पारंपरिक नृत्य कला को जीवित रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
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