ED vs IPAC: तुषार मेहता की दलील से फंसीं ममता बनर्जी, कपिल सिब्बल ने संभाला मोर्चा

कोलकाता
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News18•17-01-2026, 07:26
ED vs IPAC: तुषार मेहता की दलील से फंसीं ममता बनर्जी, कपिल सिब्बल ने संभाला मोर्चा
- •सुप्रीम कोर्ट iPAC ED छापे में कथित हस्तक्षेप पर सुनवाई कर रहा है, इसे एक गंभीर संवैधानिक और कानून-व्यवस्था का मुद्दा बताया है.
- •सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने ED की ओर से आरोप लगाया कि CM ममता बनर्जी और राज्य पुलिस ने 2742.32 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच में बाधा डाली, जिसमें iPAC के माध्यम से 20 करोड़ रुपये का शोधन किया गया था.
- •मेहता ने दावा किया कि प्रतीक जैन के आवास पर तलाशी अभियान के दौरान कोलकाता पुलिस कमिश्नर, DCP और CM ममता बनर्जी ने हस्तक्षेप किया, जांच सामग्री जबरन ले ली और ED अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की.
- •ममता बनर्जी और iPAC का प्रतिनिधित्व कर रहे कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने आरोपों से इनकार किया, कहा कि CM ने TMC अध्यक्ष के रूप में अनधिकृत प्रवेश के कारण दौरा किया और ED की कार्रवाई चुनाव से पहले राजनीतिक रूप से प्रेरित थी.
- •सुप्रीम कोर्ट ने मामले को गंभीर माना, प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए, CCTV फुटेज को संरक्षित करने का आदेश दिया और 3 फरवरी, 2026 को अगली सुनवाई तक ED अधिकारियों के खिलाफ FIR पर रोक लगा दी.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सुप्रीम कोर्ट ने ED के iPAC छापे में कथित राज्य हस्तक्षेप पर गंभीर संज्ञान लिया, जवाब मांगे और सबूत सुरक्षित रखे.
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