Loading...
तुलाईपांजी चावल: बंगाल का गौरव, जिसे मिला संयुक्त राष्ट्र विरासत का दर्जा. जानें इसकी खास विशेषताएँ.
LIVE TV
LOCAL
HINDI
आपके लिए
मनोरंजन
राष्ट्रीय
खेल
बाजार
व्यवसाय और अर्थव्यवस्था
जीवनशैली
विश्व
ज्योतिष और धर्म
प्रौद्योगिकी
शिक्षा और नौकरियाँ
ऑटो
राजनीति
वायरल
विचार
Home
Local
Live TV
Loading more articles...
तुलाईपांजी चावल को मिला UN हेरिटेज दर्जा: बंगाल का गौरव, क्या है इसकी खासियत?
N
News18
•
20-02-2026, 19:37
तुलाईपांजी चावल को मिला UN हेरिटेज दर्जा: बंगाल का गौरव, क्या है इसकी खासियत?
•
उत्तर दिनाजपुर और पूरे बंगाल का गौरव तुलाईपांजी चावल को हाल ही में संयुक्त राष्ट्र से 'हेरिटेज' का दर्जा मिला है.
•
संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन ने तुलाईपांजी, गोविंदभोग और कनकचूर चावल की किस्मों को खाद्य और संस्कृति के लिए 'हेरिटेज' का दर्जा दिया है.
•
तुलाईपांजी एक पारंपरिक महीन चावल है जो मुख्य रूप से उत्तर दिनाजपुर में उगाया जाता है और अपनी अनूठी सुगंध के लिए विश्व प्रसिद्ध है.
•
यह पुलाव और पायेश बनाने के लिए जाना जाता है, इसके पके हुए दाने अलग और फूले हुए होते हैं; वर्तमान में इसकी कीमत 180 रुपये प्रति किलोग्राम है.
•
रेलवे इसे और लोकप्रिय बनाने के लिए उत्तर बंगाल के कोच रेस्तरां में तुलाईपांजी चावल परोसेगा, जिससे इसकी पहुंच बढ़ेगी.
News18 पर बंगाली में पूरा लेख पढ़ें
✦
More like this
✦
More like this
अंगकर रोटी: छत्तीसगढ़ की पत्तों से पकी स्वादिष्ट रोटी, मेहमान भी पूछेंगे रेसिपी.
N
News18
गोविंदभोग की वैश्विक पहचान: किसानों को गर्व, पर जेबें खाली; जानें क्या है वजह.
N
News18
न्यू कूचबिहार स्टेशन पर अब हेरिटेज तुलाइपंजी चावल, उत्तर बंगाल में खुशी की लहर.
N
News18
आंवले की चटनी-मुरब्बे से बोर? दरभंगा में 500 रुपये किलो में खाएं इसके लड्डू-बर्फी.
N
News18
मुजफ्फरपुर: भारत की 'लीची राजधानी', शाही लीची को मिला GI टैग.
N
News18
कलिगंज का जागृत बॉयरा काली मंदिर: देश-विदेश में फैली महिमा, जानें रोमांचक इतिहास.
N
News18