Amitava Kumar weaves a rich tapestry of observations, moving seamlessly from personal narratives to some of the most consequential socio-political chapters of Indian history.
ओपिनियन
N
News1831-12-2025, 15:33

अमितव कुमार की किताब भारतीय रेलवे की आत्मा को उजागर करती है: भारत की धड़कन की यात्रा.

  • अमितव कुमार की "The Social Life of Indian Trains" भारतीय रेलवे को एक गहरे राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव वाली संस्था के रूप में दर्शाती है, जो केवल परिवहन से कहीं अधिक है.
  • यह पुस्तक राष्ट्रीय पहचान, लोकप्रिय संस्कृति को आकार देने और विरोध व सामाजिक सामंजस्य के स्थल के रूप में ट्रेनों की भूमिका पर प्रकाश डालती है, जो पुरानी यादों और घर वापसी की भावना को दर्शाती है.
  • कुमार व्यक्तिगत आख्यानों को सामाजिक-राजनीतिक टिप्पणी के साथ जोड़ते हैं, ऐतिहासिक घटनाओं, साहित्य और सिनेमा का उपयोग करके भारत का एक बहुरूपी दृश्य प्रस्तुत करते हैं.
  • यह ट्रेन यात्रा के रोमांटिक पहलुओं (यादें, विश्वास, घर वापसी) और इसकी कठोर वास्तविकताओं, जिसमें त्रासदी और रेलवे स्टेशनों पर भागे हुए बच्चों के लिए आश्रय शामिल हैं, दोनों को दर्शाती है.
  • हवाई यात्रा के बढ़ने के बावजूद, पुस्तक भारतीय रेलवे के स्थायी महत्व की पुष्टि करती है, जो अधिकांश लोगों के लिए सबसे लोकप्रिय परिवहन का साधन है, जो भारत के विविध सामाजिक ताने-बाने को दर्शाता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: अमितव कुमार की किताब भारतीय रेलवे को भारत की सांस्कृतिक धड़कन के रूप में एक समृद्ध, बहुआयामी अन्वेषण प्रदान करती है.

More like this

Loading more articles...