बांग्लादेश में गहराया संकट: राष्ट्रवाद बनाम विश्वासघात की राजनीति.

ओपिनियन
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News18•30-12-2025, 19:29
बांग्लादेश में गहराया संकट: राष्ट्रवाद बनाम विश्वासघात की राजनीति.
- •बांग्लादेश मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम व्यवस्था के तहत गहरी चिंता और अशांति का सामना कर रहा है, जिसमें सड़क हिंसा और राजनीतिक हेरफेर शामिल है.
- •इस्लामी आंदोलनकारी उस्मान हादी की हत्या ने व्यापक आक्रोश भड़काया, जिससे अवामी लीग के घरों, मीडिया (प्रोथोम आलो), हिंदू परिवारों पर हमले हुए और दीपू चंद्र दास की हत्या हुई.
- •चटगांव में भारतीय सहायक उच्चायोग सहित भारतीय राजनयिक मिशनों को "जुलाई ओइक्या" जैसे चरमपंथी समूहों द्वारा जानबूझकर निशाना बनाया गया, जो अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का उल्लंघन है.
- •जमात-ए-इस्लामी बांग्लादेश उस्मान हादी की मौत का इस्तेमाल सत्ता हस्तांतरण के लिए कर रहा है, जो बांग्लादेश के संस्थापक सिद्धांतों के प्रति शत्रुतापूर्ण "रजाकार मानसिकता" को दर्शाता है.
- •यह संकट बंगाली राष्ट्रवाद (धर्मनिरपेक्ष, 1971 की विरासत) और पाकिस्तानी-इस्लामी विचारधारा के बीच एक मौलिक संघर्ष को उजागर करता है, जिसमें वर्तमान अंतरिम व्यवस्था को पाकिस्तान-संरेखित राजनीति की वापसी के रूप में देखा जा रहा है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बांग्लादेश की धर्मनिरपेक्ष, राष्ट्रवादी नींव को राजनीतिक अशांति और चरमपंथी ताकतों से खतरा है.
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