बांग्लादेश में अशांति: हिंदू विरोधी हिंसा फरवरी चुनाव पटरी से उतारने की साजिश, यूनुस-इस्लामवादियों को फायदा.

ओपिनियन
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News18•23-12-2025, 18:52
बांग्लादेश में अशांति: हिंदू विरोधी हिंसा फरवरी चुनाव पटरी से उतारने की साजिश, यूनुस-इस्लामवादियों को फायदा.
- •कार्यकर्ता शरीफ उस्मान हादी की हत्या से भड़की हालिया अशांति जल्द ही भारत विरोधी दंगों और प्रेस पर हमलों में बदल गई.
- •मयमनसिंह में हिंदू फैक्ट्री मजदूर दीपू चंद्र दास को पीट-पीटकर आग लगा दी गई, जिससे अल्पसंख्यकों को भयावह संदेश मिला.
- •इस हिंसा को फरवरी 2026 के संसदीय चुनावों से पहले बांग्लादेश को अस्थिर करने की एक सुनियोजित रणनीति के रूप में देखा जा रहा है.
- •अंतरिम नेता मुहम्मद यूनुस और जमात-ए-इस्लामी जैसे पुनरुत्थानवादी इस्लामी ताकतों को लंबे समय तक अस्थिरता से फायदा हो रहा है.
- •सांप्रदायिक हमले और भारत विरोधी बयानबाजी समाज को ध्रुवीकृत करते हैं, धर्मनिरपेक्ष आवाजों को कमजोर करते हैं और इस्लामवादियों के लिए भर्ती का काम करते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बांग्लादेश में हिंदू विरोधी हिंसा चुनावों को अस्थिर करने का राजनीतिक हथियार है, जिससे यूनुस और इस्लामवादियों को फायदा होता है.
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