Bengaluru has the ignominy of consistently being one of the most congested cities globally. (Image: Getty)
ओपिनियन
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News1831-12-2025, 15:00

बेंगलुरु का $1 ट्रिलियन सपना खतरे में: भ्रष्टाचार, अव्यवस्था से भविष्य पर संकट.

  • बेंगलुरु में भ्रष्टाचार व्याप्त है, जिसमें बड़े पैमाने पर धन का दुरुपयोग, "0% काम, 80% बिल" घोटाले और ठेकों के लिए उच्च रिश्वत (40-50%) की मांग शामिल है, जिससे खराब सड़कें और सार्वजनिक विश्वास में कमी आई है.
  • शहर प्रतिदिन 4,500-6,000 मीट्रिक टन ठोस कचरे से जूझ रहा है, जिसमें से 50% से भी कम अलग किया जाता है और अधिकांश भरे हुए लैंडफिल में फेंक दिया जाता है, जिससे पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संकट पैदा हो रहा है.
  • बेंगलुरु लगातार दुनिया के सबसे भीड़भाड़ वाले शहरों में से एक है, जिससे यात्रियों को सालाना 117+ घंटे का नुकसान होता है और आर्थिक उत्पादकता खतरे में पड़ती है, कंपनियां स्थानांतरण पर विचार कर रही हैं.
  • बेंगलुरु के प्रतिदिन 1,940-2,225 MLD अपशिष्ट जल का 50% से अधिक अनुपचारित रहता है, जिससे झीलें प्रदूषित होती हैं और अपूर्ण भूमिगत जल निकासी व तेजी से शहरीकरण के कारण स्वास्थ्य जोखिम पैदा होते हैं.
  • बार-बार होने वाली लंबी बिजली कटौती (6-8 घंटे) घरों, कार्यालयों और उद्योगों को बाधित करती है, जो खराबी, रखरखाव और बढ़ती मांग के कारण होती है, जिससे ग्रिड सुधार और नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण की तत्काल आवश्यकता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बेंगलुरु को अपने $1 ट्रिलियन के सपने को साकार करने के लिए भ्रष्टाचार, कचरा और बुनियादी ढांचे की समस्याओं से निपटना होगा.

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