बंगाल में कुछ द‍िनों पहले ऐसे बांग्‍लादेशी अपने वतन भाग रहे थे. (File Photo)
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News1830-12-2025, 16:54

शाह का ममता पर हमला: बंगाल घुसपैठियों का गढ़, राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा.

  • गृह मंत्री अमित शाह ने ममता बनर्जी सरकार पर बंगाल को वोट बैंक की राजनीति के कारण घुसपैठियों का गढ़ बनाने का आरोप लगाया, इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया.
  • घुसपैठियों की सटीक संख्या अज्ञात है, लेकिन 2014-2024 के बीच विभिन्न सीमाओं से 20,806 घुसपैठिए पकड़े गए; 2016 तक भारत में अनुमानित 2 करोड़ अवैध बांग्लादेशी प्रवासी थे.
  • मुख्य घुसपैठ मार्ग 4,096 किमी लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा, भारत-म्यांमार सीमा (रोहिंग्या) और भारत-नेपाल सीमा हैं, जिनका फायदा छिद्रपूर्ण प्रकृति और भौगोलिक चुनौतियों के कारण उठाया जाता है.
  • सरकार बाड़बंदी, उच्च-तकनीकी निगरानी (लेजर, थर्मल कैमरे), बीएसएफ गश्त बढ़ाने और म्यांमार सीमा पर फ्री मूवमेंट रेजीम खत्म करने जैसे उपाय कर रही है.
  • पकड़े गए घुसपैठियों को वापस भेजना जटिल है क्योंकि बांग्लादेश अक्सर उन्हें अपना नागरिक मानने से इनकार करता है; स्थानीय समर्थन, वोट बैंक की राजनीति और जनसांख्यिकीय बदलाव व संसाधनों पर दबाव जैसे आर्थिक प्रभाव समस्या को बढ़ाते हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बंगाल में घुसपैठ एक जटिल राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दा है, जो छिद्रपूर्ण सीमाओं, राजनीतिक विवादों और सामाजिक-आर्थिक कारकों से प्रेरित है.

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