राय: केरल में भाजपा की चुनौती - वोट प्रतिशत को विधानसभा सीटों में कैसे बदलें
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केरल में भाजपा की चुनौती: क्या बढ़ती वोट हिस्सेदारी विधानसभा सीटों में बदलेगी?
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News18•14-03-2026, 10:23
केरल में भाजपा की चुनौती: क्या बढ़ती वोट हिस्सेदारी विधानसभा सीटों में बदलेगी?
•केरल में भाजपा की वोट हिस्सेदारी 2006 में 4.7% से बढ़कर पिछले चुनाव में 11.3% हो गई है, तमाम विरोध के बावजूद इसमें लगातार वृद्धि हुई है.
•पारंपरिक LDF वोट बैंक, विशेषकर एझावा और नायर समुदाय, भाजपा की ओर बढ़ रहे हैं, जैसा कि हाल के स्थानीय निकाय और लोकसभा चुनावों में देखा गया है.
•सबरीमाला विरोध प्रदर्शनों ने केरल के मतदाताओं को मौलिक रूप से बदल दिया, जिससे CPI(M) के कई पारंपरिक समर्थकों ने पार्टी के रुख के कारण अपनी निष्ठा पर पुनर्विचार किया.
•भाजपा को क्रॉस-वोटिंग, नकली उम्मीदवारों और सामुदायिक संगठनों व बुद्धिजीवियों के समर्थन की कमी जैसी अनूठी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन इसकी डिजिटल उपस्थिति बढ़ रही है.
•नए शिक्षित प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर और घटती राजनीतिक अस्पृश्यता के साथ, भाजपा अपनी वोट हिस्सेदारी को विधानसभा सीटों में बदलने के लिए अनुकूल परिस्थितियां देख रही है.