बजट 2026: पीएम मोदी की आर्थिक संप्रभुता और राष्ट्रीय शक्ति की राजनीति

ओपिनियन
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News18•01-02-2026, 16:00
बजट 2026: पीएम मोदी की आर्थिक संप्रभुता और राष्ट्रीय शक्ति की राजनीति
- •बजट 2026 को एक राजनीतिक बयान के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो अस्थिर वैश्विक व्यवस्था में भारत की आर्थिक संप्रभुता और लचीलेपन पर केंद्रित है, आराम से पहले शक्ति को प्राथमिकता देता है.
- •बजट कल्याणकारी राजनीति से 'क्षमता राजनीति' की ओर बढ़ता है, जिसमें राष्ट्रीय संपत्ति जैसे बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए ₹12.2 लाख करोड़ का महत्वपूर्ण पूंजीगत व्यय शामिल है.
- •विनिर्माण को 'संप्रभुता की अनिवार्यता' के रूप में माना जाता है, जिसका उदाहरण इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 और दुर्लभ पृथ्वी गलियारे हैं, जिसका लक्ष्य महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों में रणनीतिक स्वायत्तता प्राप्त करना है.
- •डेटा केंद्रों के लिए कर अवकाश के माध्यम से डिजिटल बुनियादी ढांचे को बढ़ाया गया है, जो डिजिटल संप्रभुता पर जोर देता है और भारत को एक विश्वसनीय डिजिटल हब बनाता है.
- •बजट उच्च गति वाले रेल गलियारों और लॉजिस्टिक्स सुधारों के साथ भारत के आर्थिक भूगोल को फिर से तैयार करता है, साथ ही युवाओं और सांस्कृतिक सामग्री के लिए 'ऑरेंज इकोनॉमी' को भी अपनाता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बजट 2026 भारत की आर्थिक संप्रभुता, लचीलेपन और रणनीतिक स्वायत्तता के लिए पीएम मोदी की दीर्घकालिक रणनीति को रेखांकित करता है.
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