To imagine that these fault lines can be bracketed within a five-power consultative club is to underestimate how deeply they shape strategic behaviour. Representational image
समाचार
F
Firstpost20-12-2025, 15:05

'कोर फाइव' वैश्विक शासन विचार: एक खतरनाक मृगतृष्णा, समाधान नहीं.

  • "कोर फाइव" (अमेरिका, चीन, रूस, भारत, जापान) वैश्विक शासन प्रस्ताव को एक दोषपूर्ण "मृगतृष्णा" के रूप में आलोचना की गई है, भले ही इसे प्रणालीगत संक्रमण के लिए व्यावहारिक प्रबंधन का दावा किया गया हो.
  • यूरोपीय संघ को बाहर करना, जो वैश्विक व्यापार, वित्त और विनियमन का एक केंद्रीय केंद्र है, कार्यान्वयन शक्ति के बिना समानांतर प्रक्रियाएं बनाता है और इसकी संरचनात्मक क्षमता को अनदेखा करता है.
  • C5 अमेरिका-चीन प्रतिद्वंद्विता और भारत-चीन तनाव जैसे गहरे, परिभाषित विवादों को नजरअंदाज करते हुए महान शक्तियों के अवास्तविक अभिसरण को मानता है, जिन्हें आसानी से अलग नहीं रखा जा सकता.
  • यह प्रस्ताव भारत को एक "संतुलनकर्ता" तक सीमित करके और उसकी स्वायत्त विदेश नीति तथा अन्य वैश्विक भागीदारों के साथ जुड़ाव को बाधित करके उसे एक उपकरण बनाने का जोखिम उठाता है.
  • एक स्व-चयनित C5 में वैधता की कमी है, प्रमुख क्षेत्रों को बाहर करता है, और एक अभिजात वर्ग के कार्टेल के रूप में देखे जाने से वैश्विक अस्थिरता को बढ़ा सकता है, जिससे मौजूदा संस्थानों को खोखला किया जा सकता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: वैश्विक स्थिरता के लिए समावेशी शासन और विश्वास की मरम्मत की आवश्यकता है, न कि विशेष 'कोर फाइव' क्लबों की.

More like this

Loading more articles...