भारत की कूटनीतिक चुनौती: ट्रंप के लेन-देन वाले विश्व व्यवस्था में 2025 का मुश्किल सफर.

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Firstpost•30-12-2025, 11:09
भारत की कूटनीतिक चुनौती: ट्रंप के लेन-देन वाले विश्व व्यवस्था में 2025 का मुश्किल सफर.
- •2025 भारत की कूटनीति के लिए एक चुनौतीपूर्ण वर्ष रहा, जिसमें बांग्लादेश से लेकर अमेरिका तक एक अस्थिर, लेन-देन वाली वैश्विक व्यवस्था का सामना करना पड़ा.
- •ट्रंप की अनैतिक, लेन-देन वाली विदेश नीति ने व्यक्तिगत सत्यापन को प्राथमिकता दी, जिससे भारतीय वस्तुओं पर 50% दंडात्मक शुल्क लगा.
- •ट्रंप ने पाकिस्तान को उदार शुल्क और सौदों के साथ तरजीह दी, जबकि भारत को रूस के साथ ऊर्जा संबंधों और अमेरिकी कृषि व्यवसाय तक पहुंच से इनकार करने के लिए दंडित किया.
- •भारत ने रणनीतिक व्यापार विविधीकरण (एफटीए, आईएनआर निपटान) और रूस और चीन के साथ जुड़ाव को तेज करके जवाब दिया.
- •अमेरिका-चीन शक्ति संघर्ष वैचारिक से लेन-देन वाली प्रतिस्पर्धा में बदल गया, जिससे भारत जैसे मध्यम शक्तियों पर दबाव पड़ा और अमेरिकी डॉलर के पतन पर प्रकाश डाला गया.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत ने 2025 में ट्रंप की लेन-देन वाली दुनिया में व्यापार और गठबंधनों में विविधता लाकर खुद को ढाला.
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