धर्म फ़ाइलें: ब्रिटिश शासन की शुरुआत में भारत के भविष्य के दो दृष्टिकोण.

ओपिनियन
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News18•15-02-2026, 19:34
धर्म फ़ाइलें: ब्रिटिश शासन की शुरुआत में भारत के भविष्य के दो दृष्टिकोण.
- •राजा राम मोहन राय और थॉमस बैबिंगटन मैकाले, प्रमुख बुद्धिजीवियों ने ब्रिटिश शासन के तहत भारत के भविष्य के लिए अलग-अलग लेकिन अभिसारी दृष्टिकोण प्रस्तुत किए.
- •रॉय ने भविष्यवाणी की कि उन्नत देशी चरित्र, ज्ञान और आधुनिक विज्ञान भारतीयों को अन्यायपूर्ण उपायों का विरोध करने के लिए सशक्त बनाएंगे.
- •मैकाले ने एक ऐसे भारत की कल्पना की जहां सुशासन और यूरोपीय ज्ञान विषयों को स्वशासन की मांग करने के लिए प्रेरित कर सकता है, जो 'अंग्रेजी इतिहास का सबसे गौरवपूर्ण दिन' होगा.
- •दोनों बुद्धिजीवियों ने, अपनी अलग-अलग पृष्ठभूमि के बावजूद, एक ऐसे भविष्य की कल्पना की जहां भारतीय अंततः ब्रिटिश शासन को समाप्त करने की मांग करेंगे.
- •उनकी भविष्यवाणियां भारत की स्वतंत्रता के अंतिम मार्ग के संबंध में एक उल्लेखनीय दूरदर्शिता को उजागर करती हैं.
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